संस्थापक एवं निर्देशक

श्री अवधेश पटेल सुरु से ही एक प्रतिभावान छात्र रहे नवदय विद्यालय से उच्चतर माध्यमिक तक की शिक्षा ग्रहण करने क पश्च्यात इन्होने एम. कॉम., बी. एड., पी. जी. डिप्लोमा इन योग एंड फिलॉसॉफी आदि उच्च शिक्षा प्राप्त की, सांथ ही वर्ष २००८ में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय द्वारा एम. ए. अर्थ सास्त्र में उत्कृष्ठ प्रदर्शन क लिए गोल्ड मेडल प्रदान किया गया. आपका एक मात्र उद्देश्य मानव परिवार समाज व प्रकृति को समझना, तालमेल पूर्वक जिना एवं चेतना विकाश मूल्य शिक्षा (जीवन विद्या) का अध्ययन तथा अध्यापन इस शिक्षा का लोक व्यापीकरण करना है|

वर्तमान में वे अपनी पुस्तक मेगा मेमोरी मिरेकल के लेखन कार्य में भी लगे हुए है ताकि अपनी बात को लाखों लोगों तक पहुंचा सकें.

  कृतज्ञ

आदरणीय अवधेश जी,
       आपके द्वारा दिए गए मेमोरी डेवलपमेंट तकनीक एवं योग, प्राणायाम का मुझे बहुंत लाभ हुआ है | आज मुझे लगता है की काश मुझे यह तकनीक कुछ सालों पहले मिल गई होती तो मई अब तक कई परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर चूका होता मैंने इस कक्षा में इस तकनीक का पूरा प्रयोग करके देखा की जो चीज याद करने के लिए मुझे बार बार रटना पड़ता था फिर भी मई वह भूल जाता था पर अब इस तकनीक से मै न सिर्फ उसे बड़े ही कम समय में याद कर लेता हूँ बल्कि कई दिनों बाद भी वह क्रम से याद रहता है |

       आपके द्वारा सिखाई गई सभी तकनीकों की अपनी विशेषता है| परन्तु मुझे पेग मेथड, लिंक एवं जर्नी तकनीक बहुंत अच्छे लगे| चीटिंग (लोकेशन) तकनीक का प्रयोग बहुंत ही आसान है, और उसका असर बहुंत ही ज्यादा है| पी. एम. एस. तकनीक के प्रयोग में मुझे थोड़ी परेशानी हुई किन्तु उम्मीद है की थोड़ा अभ्यास करके मै उससे भी लाभ प्राप्त करने लगूंगा नक़्शे (मैप) को याद करने की तकनीक में जब हमने अभ्यास किया था तो उसके बाद आज भी मुझे उन सभी नदियों क नाम याद है| जिन्हे मै कभी याद नहीं कर पता था|

       योग और प्राणायाम व्यक्ति के मस्तिष्क को एकाग्रसित करने क लिए अत्यंत आवश्यक है | अतः इस तकनीक क प्रयोग से पहले प्राणायाम और योग करना अतिआवश्यक है| जो की इस क्लास में कराइ जाती है| चूँकि यह तकनीक एकाग्रमा पर कार्य करती है जो की प्राणायाम से ही आ पाती है| अतः मै यही कहना चाहूंगा की इस मेमोरी डेवलपमेंट एवं योग प्राणायाम कक्षा से मुझे बहुंत लाभ हुआ है| जिसका मै आगे समुचित उपयोग करता रहूँगा|

माननीय मुख्य मंत्री डॉ. रमन सिंह से स्वर्ण पदक एवं प्रमाण पत्र ग्रहण करते हुए